CIBIL स्कोर क्या है?
यह 300 से 900 के बीच का तीन अंकों का नंबर है, जो आपके कर्ज़ चुकाने के इतिहास का सार बताता है। स्कोर 900 के जितना पास, लोन और क्रेडिट कार्ड मिलने की संभावना उतनी ज़्यादा। आम तौर पर 700 से ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है और 750 से ऊपर बेहतरीन। (cibil)
फ़्रीCIBIL स्कोर क्या है?
RBI के नियमों के मुताबिक आपको हर कैलेंडर साल में एक बार फ़्री CIBIL स्कोर और रिपोर्ट मिलती है। cibil.com के फ़्री स्कोर पेज पर जाकर देख लीजिए। (cibil)
स्कोर बढ़ाने के 7 तरीके
1 EMI और बिल समय पर भरें। सबसे बड़ा असर इसी का है। एक देरी भी भारी पड़ती है।
2 क्रेडिट कार्ड की सीमा का कम हिस्सा इस्तेमाल करें। आम सलाह है कि 30% से नीचे रहें।
3 बार-बार लोन या कार्ड के लिए अप्लाई न करें। थोड़े समय में बहुत सारी क्रेडिट माँगने से स्कोर पर असर पड़ता है।
4 पुराना कार्ड बंद न करें। लंबा क्रेडिट इतिहास स्कोर के लिए अच्छा रहता है।
5 बकाया पूरा चुकाएँ। सिर्फ़ न्यूनतम राशि भरते रहने से ब्याज और बोझ दोनों बढ़ते हैं।
6 रिपोर्ट में गलती हो तो सुधरवाएँ। अपने नाम के लोन या कार्ड जो आपने नहीं लिए, वे तुरंत बैंक और CIBIL को बताएँ।
7 गारंटर या जॉइंट लोन की ज़िम्मेदारी समझें। दूसरे की चूक आपका स्कोर भी गिरा सकती है.
आपके हक़ (RBI नियम)
अगर बैंक लोन या कार्ड के लिए मना करे, तो उसे साफ़ कारण बताना होता है।
शिकायत 30 दिन में हल न हो, तो देरी पर ₹100 प्रति दिन का जुर्माना लगता है।
जब कोई बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट देखे, तो आपको SMS या ईमेल से बताना होता है।
स्कोर कितनी जल्दी बदलता है? 1 जनवरी 2025 से स्कोर हर 15 दिन में अपडेट होने का नियम आया। आपकी सुधरी हुई आदतें अब पहले से जल्दी दिखती हैं, पर बड़ा बदलाव फिर भी कुछ महीनों में आता है।
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आख़िरी अपडेट: [1/01/2025]। स्रोत: RBI, rbi.com
CIBIL cibil.com।
"हफ़्तों से महीनों" में सुधरता है। यह कोई जादू नहीं है।
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