नया बिज़नेस शुरू करने या बढ़ाने के लिए सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले दो रास्ते हैं: मुद्रा लोन और PMEGP । दोनों अलग तरह से काम करते हैं। इस पोस्ट में ताज़ा जानकारी के साथ समझिए कि कौन सी योजना किसके लिए ठीक है। मुद्रा लोन में नया क्या है? (तरुण प्लस) शिशु: 50,000 रुपये तक किशोर: 50,000 से 5 लाख रुपये तक तरुण: 5 से 10 लाख रुपये तक तरुण प्लस: 10 से 20 लाख रुपये तक। यह उन उद्यमियों के लिए है जिन्होंने पहले तरुण श्रेणी का लोन लेकर समय पर चुका दिया है। मुद्रा लोन में आमतौर पर कागज़ी कार्रवाई कम होती है और यह बिना गारंटी के मिलता है, लेकिन इसमें सरकारी सब्सिडी नहीं मिलती। PMEGP: सब्सिडी वाली योजना (शहरी और ग्रामीण) PMEGP में बैंक लोन के साथ सरकार प्रोजेक्ट लागत पर 15% से 35% तक सब्सिडी (मार्जिन मनी) देती है। यह सिर्फ नए बिज़नेस के लिए है। सामान्य श्रेणी: शहरी में 15%, ग्रामीण में 25% सब्सिडी। अपना हिस्सा 10%। विशेष श्रेणी (SC/ST/OBC/महिला/अल्पसंख्यक/पूर्व सैनिक/दिव्यांग आदि): शहरी में 25%, ग्रामीण में 35% सब्सिडी। अपना हिस्सा 5%। प्रोजेक्ट की अधिकतम लागत...