बुटीक और ब्यूटी पार्लर महिलाओं के लिए घर के पास रहकर कमाई का अच्छा रास्ता हैं। अगर पैसे की कमी है, तो कई सरकारी और बैंक योजनाएँ महिलाओं को खास मदद देती हैं। इस पोस्ट में जानिए कौन सी योजनाएँ हैं और बैंक को क्या दिखाना होता है। महिलाओं के लिए कौन-कौन सी योजनाएँ हैं? मुद्रा लोन: बिना गारंटी का लोन। शिशु (50,000 तक), किशोर (5 लाख तक) और तरुण (10 लाख तक)। PMEGP: नए बिज़नेस पर लोन के साथ सब्सिडी। महिलाओं को विशेष श्रेणी में गिना जाता है, जिसमें शहरी इलाके में लगभग 25% और ग्रामीण इलाके में लगभग 35% तक सब्सिडी का प्रावधान है। Stand-Up India जैसी योजनाएँ: महिला और SC/ST उद्यमियों के लिए नए बिज़नेस पर बड़ा बैंक लोन। इसकी मौजूदा शर्तें बैंक से पक्का कर लें। राज्य की महिला उद्यमी योजनाएँ: कई राज्य महिलाओं को ब्याज में छूट या सब्सिडी देते हैं। अपने ज़िला उद्योग केंद्र (DIC) से पूछें। स्वयं सहायता समूह (SHG) लोन: समूह बनाकर ग्रामीण आजीविका मिशन के ज़रिए लोन। बुटीक या पार्लर में कितना खर्च आता है? बुटीक: सिलाई मशीनें, ओवरलॉक, कटिंग टेबल, कपड़ा और रेडीमेड सामान का स्...