नाम कब जोड़ना पड़ता है ।
घर में बच्चे का जन्म हो, शादी के बाद बहू आए, या कोई सदस्य छूट गया हो, तब राशन कार्ड में नाम जोड़ना ज़रूरी होता है। नाम न होने पर उस सदस्य के हिस्से का राशन नहीं मिलता।
आवेदन कहाँ करें?
उत्तर प्रदेश का खाद्य एवं रसद विभाग राशन से जुड़ी सारी सेवाएँ fcs.up.gov.in पोर्टल से देता है।
ऑनलाइन कदम
fcs.up.gov.in खोलिए।
राशन कार्ड नंबर और ज़रूरी विवरण डालिए।
कागज़ अपलोड करके सबमिट कर दीजिए।
मिले हुए संदर्भ नंबर को संभालकर रखिए, इसी से स्टेटस देखा जाता है।
ऑनलाइन में दिक्कत हो तो नज़दीकी जन सेवा केंद्र या अपनी तहसील के खाद्य कार्यालय में जाकर पूछ लीजिए।
आमतौर पर कौन से कागज़ लगते हैं?
नवजात या बच्चे के लिए: जन्म प्रमाण पत्र और माता-पिता का राशन कार्ड।
बहू के लिए: विवाह प्रमाण पत्र, आधार और मायके के राशन कार्ड से नाम कटने का प्रमाण।
अन्य सदस्य के लिए: आधार और परिवार से संबंध का प्रमाण।
कागज़ों की सटीक सूची पोर्टल पर जाँच लें, क्योंकि जिले और स्थिति के हिसाब से अलग हो सकती है।
नाम आया या नहीं, कैसे देखें
fcs.up.gov.in पर ज़िला, ब्लॉक और दुकान के हिसाब से NFSA पात्रता सूची है, और यही ऑनलाइन सूची असली रिकॉर्ड मानी जाती है। दुकानदार कुछ भी कहे, वहाँ अपना नाम खुद देखिए।
सावधानी
नाम जोड़ने के लिए किसी को पैसे मत दीजिए, यह सरकारी सेवा है।
OTP या आधार की जानकारी किसी अनजान को मत बताइए।
शिकायत हो तो खाद्य कार्यालय या हेल्पलाइन पर करें।
आख़िरी अपडेट: [26/10/2026]। स्रोत: fcs.up.gov.in।
पब्लिश करने से पहले:
पोर्टल पर जाकर देख लीजिए कि "सदस्य जोड़ें" का विकल्प अभी चालू है, और कागज़ों की सटीक सूची पोस्ट में भर दीजिए। fcs.up.gov.in
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